ग़म झेल लिए बचपन से ख़ूब तूने देखो आज़म भुलाकर दिल से ग़म मुस्कुराया जाये। ग़म झेल लिए बचपन से ख़ूब तूने देखो आज़म भुलाकर दिल से ग़म मुस्कुराया जाये।
साथ तेरा है नहीं, खुद से ही मैं नाराज़ हूँ अपने ज़ख्मों की, मै खुद ही आवाज़ हूँ लफ्ज़ तो हैं मेरे, पास प... साथ तेरा है नहीं, खुद से ही मैं नाराज़ हूँ अपने ज़ख्मों की, मै खुद ही आवाज़ हूँ लफ्...
यह सब हो गई बीती बातें हैं अब तो भूल गए सब। यह सब हो गई बीती बातें हैं अब तो भूल गए सब।
जिस्म के जाने से एक खलिश रह गयी! जिस्म के जाने से एक खलिश रह गयी!
रही अडिग सत्य पथ पर तो निश्चय ही स्वयंसिद्धा कहलाओगी। रही अडिग सत्य पथ पर तो निश्चय ही स्वयंसिद्धा कहलाओगी।